Tuesday, October 16, 2012

मेरी माँ

माँ होती एक मोती जैसी,
पावन सुंदर और महान।
माँ होती एक परी के जैसी,
करती हर मुश्किल आसान।

मेरी माँ है दुर्गा माँ,
दस हाथों से करती काम।
मेरी माँ है सरस्वती माँ,
हमको देती विद्या का वरदान।

मेरी माँ है बहुत ही प्यारी,
राजदुलारी, मैं हूँ उनकी जान।
हम सब उनसे करते प्यार,
वे देती हमें दुनिया का ज्ञान।

घर भर को महका कर रखती,
उनकी हसीं पे सब हो कुर्बान।
पापा हैं उनके सुख-दुःख के साथी,
हम बच्चों में उनके प्राण।

प्रभु का दूजा रूप बन कर,
इस धरती पर आई माँ।
ममता की बदली बरसाने,
इस धरती पर आई माँ।

—विदिशा पार्थ

1 comment:

  1. I liked the Viviacious Defination of a Mother !! Hats off to them.

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